श्री छत्रपती शिवाजी महाराजांना बद्दल दोन ओळीत सांगायचे असेल तर मी असे सांगेन….
परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम्।
धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे युगे ॥ भगवत गीता ४-८॥
भावार्थ : साधु पुरुषों का उद्धार करने के लिए, पाप कर्म करने वालों का विनाश करने के लिए और धर्म की अच्छी तरह से स्थापना करने के लिए मैं युग-युग में प्रकट हुआ करता हूँ॥भगवत गीता 4-8॥
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श्री छत्रपती शिवाजी महाराज के बारे में अगर मुझे दो लाईन बताने के लिय कहा जाय तो मै ये कहुंगा …
परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम्।धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे युगे ॥भगवत गीता ४-८॥
भावार्थ : साधु पुरुषों का उद्धार करने के लिए, पाप कर्म करने वालों का विनाश करने के लिए और धर्म की अच्छी तरह से स्थापना करने के लिए मैं युग-युग में प्रकट हुआ करता हूँ॥भगवत गीता 4-8॥
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