Friday, January 22, 2016

श्री छत्रपती शिवाजी महाराजांना बद्दल दोन ओळीत सांगायचे असेल तर मी असे सांगेन….

श्री छत्रपती शिवाजी महाराजांना बद्दल दोन ओळीत सांगायचे  असेल  तर मी असे सांगेन…. 


परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम्।

धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे युगे ॥ भगवत गीता ४-८॥


भावार्थ :  साधु पुरुषों का उद्धार करने के लिए, पाप कर्म करने वालों का विनाश करने के लिए और धर्म की अच्छी तरह से स्थापना करने के लिए मैं युग-युग में प्रकट हुआ करता हूँ॥भगवत गीता  4-8॥


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श्री छत्रपती शिवाजी महाराज के बारे में अगर मुझे दो लाईन बताने के लिय कहा जाय तो मै ये कहुंगा …

परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम्।
धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे युगे ॥भगवत गीता  ४-८॥


भावार्थ :  साधु पुरुषों का उद्धार करने के लिए, पाप कर्म करने वालों का विनाश करने के लिए और धर्म की अच्छी तरह से स्थापना करने के लिए मैं युग-युग में प्रकट हुआ करता हूँ॥भगवत गीता 4-8॥







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If somebody ask me about Shivaji Maharaj within only two line, then I'll tell this....


paritranaya sadhunam, vinasaya ca duskrtam
dharma-samsthapanarthaya, sambhavami yuge yuge || Bhagavad Gita 4-8||



TRANSLATION
In order to deliver the pious and to annihilate the miscreants, as well as to reestablish the principles of religion, I advent Myself millennium after millennium.









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